PCOD क्या है?
PCOD यानी Polycystic Ovarian Disease एक ऐसी स्थिति है जिसमें महिलाओं के अंडाशय (ovaries) सामान्य से अधिक हार्मोन (विशेषकर एंड्रोजेन) बनाने लगते हैं। इसकी वजह से अंडाशय में छोटे–छोटे सिस्ट बनने लगते हैं और पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं। यह कोई जानलेवा बीमारी नहीं है, लेकिन इसे नजरअंदाज करने से हार्मोनल असंतुलन बढ़ता जाता है, वजन बढ़ता है, चेहरे पर बाल आने लगते हैं और प्रेग्नेंसी में मुश्किल भी हो सकती है।
PCOD क्यों होता है?
PCOD का कोई एक कारण तय नहीं है, लेकिन ज्यादातर मामलों में ये वजहें देखी जाती हैं:
1. हार्मोनल इंबैलेंस
आजकल तनाव, खराब डाइट और अनियमित रुटीन की वजह से शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है। यही PCOD का सबसे बड़ा कारण है।
2. इंसुलिन रेसिस्टेंस
जब शरीर इंसुलिन का उपयोग सही से नहीं कर पाता, तब ब्लड शुगर बढ़ने लगता है। इस स्थिति में शरीर और ज्यादा इंसुलिन बनाता है, जिससे एंड्रोजेन हार्मोन बढ़ता है और PCOD की समस्या शुरू हो जाती है।
3. लाइफस्टाइल और डाइट
फास्ट फूड, कम नींद, ज्यादा कैलोरी और एक्सरसाइज की कमी PCOD को बढ़ाने वाले बड़े कारण हैं। हमारे शरीर का 90% स्वास्थ्य हमारी लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है।
4. जेनेटिक्स
अगर परिवार में माँ, बहन या चाची को PCOD रहा है, तो आपको इसके होने की संभावना ज्यादा रहती है। यानी यह पीढ़ी दर पीढ़ी आने वाली समस्या भी हो सकती है।
PCOD के सामान्य लक्षण
PCOD के संकेत धीरे-धीरे दिखाई देते हैं। ये प्रमुख लक्षण हैं:
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पीरियड्स का लेट होना या बिल्कुल न आना
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चेहरे, ठोड़ी और छाती पर अनचाहे बाल
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चेहरे पर पिंपल्स
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वजन तेजी से बढ़ना
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बालों का झड़ना
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मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन
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ओव्यूलेशन न होना, प्रेग्नेंसी में दिक्कत
अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी है।
PCOD ठीक कैसे हो सकता है?
अच्छी बात यह है कि PCOD को लाइफस्टाइल मैनेजमेंट से काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। कई लड़कियों और महिलाओं ने बिना दवाइयों के सिर्फ सही रूटीन अपनाकर PCOD को पूरी तरह ठीक किया है।
1. वजन कंट्रोल सबसे जरूरी
अगर आपका वजन 5–10% भी कम हो जाए तो हार्मोन काफी हद तक नॉर्मल हो जाते हैं।
इसके लिए –
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रोज 30–40 मिनट वॉक
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हल्की-फुल्की एक्सरसाइज
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योग और स्ट्रेचिंग
बहुत असर करती है।
2. सही डाइट प्लान अपनाएं
PCOD में आपकी डाइट 70% भूमिका निभाती है।
क्या खाएं:
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ओट्स, दलिया, मल्टीग्रेन रोटी
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ग्रीन सलाद, पत्तेदार सब्जियाँ
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प्रोटीन: दालें, पनीर, अंडा
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हेल्दी फैट: बादाम, अखरोट, अलसी के बीज
क्या न खाएं:
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मैदा, पिज्ज़ा, बर्गर
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मीठा, कोल्ड ड्रिंक्स
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ज्यादा चावल और ज्यादा तेल
3. योग और प्राणायाम
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कपालभाति
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अनुलोम–विलोम
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भुजंगासन
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बटरफ्लाई पोज़
ये सभी हार्मोन संतुलन में बेहद मदद करते हैं।
4. तनाव कम करें
तनाव (stress) हार्मोन्स को बिगाड़ने का सबसे बड़ा कारण है।
रोज 15 मिनट ध्यान (Meditation) का अभ्यास जरूर करें।
5. नींद पूरी करें
7–8 घंटे की नींद सीधे हार्मोन को बैलेंस करती है। देर रात तक जागना PCOD को और खराब कर देता है।
6. डॉक्टर द्वारा सुझाई दवाइयाँ या सप्लीमेंट्स
कभी-कभी डॉक्टर मेटफॉर्मिन, हार्मोनल पिल्स या विटामिन D, B12, इनोसिटॉल जैसे सप्लीमेंट्स देते हैं।
ध्यान रहे—दवाएँ अपने आप न लें।
क्या PCOD पूरी तरह ठीक हो सकता है?
हाँ, बिल्कुल!
PCOD लाइफस्टाइल आधारित कंडीशन है।
जैसे-जैसे आप अपनी दिनचर्या सुधारते हैं, वैसे-वैसे यह समस्या कम होती जाती है।
बहुत सी महिलाएँ इसे 6–12 महीनों में पूरी तरह कंट्रोल कर लेती हैं।
अंत में – SehatGhar की सलाह
PCOD कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर का चेतावनी संकेत है कि अब लाइफस्टाइल सुधारने का समय आ गया है।
अगर आप सही डाइट, एक्सरसाइज और तनाव-मुक्त जीवन अपनाते हैं, तो PCOD आपके लिए कभी समस्या नहीं बनेगा।