गर्मियों में छाछ (Buttermilk) क्यों पीनी चाहिए
Buttermilk Benefits – जैसे ही गर्मियों की शुरुआत होती है, शरीर सबसे पहले हमें संकेत देने लगता है – थकान जल्दी होना, बार-बार प्यास लगना, पेट का ठीक न रहना और मन का चिड़चिड़ा हो जाना। ऐसे समय में अगर कोई पेय सच में राहत देता है, तो वह है छाछ।
छाछ सिर्फ एक ड्रिंक नहीं है, बल्कि हमारे दादी-नानी के समय से चली आ रही देसी सेहत की समझ है। गाँवों में आज भी लोग कहते हैं – “दवा नहीं, छाछ पियो”।
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छाछ क्या होती है
जब घर में दही जमती है और उसमें से मक्खन निकालने के लिए उसे मथा जाता है, तब जो हल्का, पतला और स्वाद में थोड़ा खट्टा तरल बचता है, वही छाछ Buttermilk होती है।
यह दूध से बिल्कुल अलग होती है – न भारी, न चिपचिपी। पेट इसे बिना किसी मेहनत के पचा लेता है। शायद यही वजह है कि छोटे बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक, सभी के लिए छाछ फायदेमंद मानी जाती है।
गर्मियों में छाछ क्यों अमृत समान है
गर्मी में शरीर अंदर से जलने लगता है। बाहर से ठंडा पानी पीने से थोड़ी देर राहत तो मिलती है, लेकिन असली ठंडक छाछ जैसी चीज़ ही देती है।
छाछ शरीर के तापमान को धीरे-धीरे संतुलित करती है। यह न तो शरीर को झटका देती है और न ही नुकसान पहुँचाती है। यही कारण है कि छाछ पीने के बाद एक अलग-सी ठंडक और सुकून महसूस होता है।
पेट और पाचन के लिए छाछ का जादू
आजकल की सबसे आम समस्या है – पेट साफ न रहना।
छाछ में मौजूद प्राकृतिक प्रोबायोटिक्स पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं। इससे: गैस और जलन कम होती है,खाना जल्दी और सही से पचता है,कब्ज की समस्या धीरे-धीरे ठीक होने लगती है,बहुत से लोग रोज़ दवा खाते हैं, जबकि अगर वे नियमित रूप से छाछ पी लें, तो दवा की जरूरत ही न पड़े।
छाछ और वजन – हल्की, लेकिन असरदार
जो लोग वजन बढ़ने से परेशान रहते हैं, वे अक्सर यह सोचते हैं कि छाछ Buttermilk पीनी चाहिए या नहीं।
सच यह है कि छाछ:,कम कैलोरी वाली होती है , पेट को भरा-भरा रखती है, बार-बार भूख लगने से रोकती है. अगर आप दोपहर के खाने के बाद एक गिलास छाछ पीते हैं, तो शाम को बेवजह कुछ खाने का मन कम करता है। यही छोटी-सी आदत वजन को कंट्रोल में रखने में मदद करती है।
छाछ में छुपा पोषण
छाछ देखने में जितनी साधारण लगती है, अंदर से उतनी ही पोषण से भरपूर होती हैइसमें मौजूद कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है पोटैशियम दिल और ब्लड प्रेशर के लिए अच्छा होता है, और विटामिन B12 शरीर को थकान से बाहर निकालने में मदद करता है।
सबसे खास बात – छाछ शरीर को बिना भारी बनाए ताकत देती है।
इम्यूनिटी और छाछ का गहरा रिश्ता
पेट अगर ठीक है, तो शरीर खुद-ब-खुद मजबूत हो जाता है। छाछ आंतों को स्वस्थ रखती है और यही आंतें हमारी इम्यूनिटी की जड़ होती हैं। जो लोग नियमित छाछ पीते हैं, उन्हें बार-बार सर्दी, पेट संक्रमण और कमजोरी कम महसूस होती है।
छाछ पीने का सही तरीका (यह बहुत ज़रूरी है)
छाछ का फायदा तभी मिलेगा जब आप इसे सही समय और सही तरीके से पिएँ।
सबसे अच्छा समय: दोपहर में या खाने के बाद, बहुत ज्यादा ठंडी छाछ न पिएँ,फ्रिज से निकालकर तुरंत पीने से बचें,छाछ में भुना जीरा, काला नमक या पुदीना जरूर डालें,यह छोटे-छोटे उपाय छाछ को और ज्यादा असरदार बना देते हैं।
मिट्टी के बर्तन की छाछ – एक भूला हुआ सच
अगर कभी मिट्टी के घड़े (मटके) में रखी छाछ Buttermilk Benefits पीने का मौका मिले, तो जरूर आज़माइए।
मिट्टी का बर्तन छाछ को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखता है और उसका स्वाद भी अलग ही होता है। पहले के लोग बिना फ्रिज के भी स्वस्थ रहते थे – इसका बड़ा कारण यही देसी तरीके थे।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए
हालाँकि छाछ बहुत फायदेमंद है, लेकिन:
बहुत ज्यादा सर्दी-जुकाम में
रात के समय
बहुत खट्टी छाछ
इन स्थितियों में छाछ सीमित मात्रा में ही पीनी चाहिए।
निष्कर्ष: छाछ – सस्ती, देसी और भरोसेमंद
आज के समय में बाजार एनर्जी ड्रिंक और कोल्ड ड्रिंक से भरा पड़ा है, लेकिन जो फायदा एक गिलास छाछ देता है, वह कोई महँगा पेय नहीं दे सकता।
छाछ शरीर को ठंडक देती है, पेट को ठीक रखती है, मन को हल्का करती है और सेहत को लंबे समय तक संभाल कर रखती है।
अगर आप सच में एक simple, natural और भरोसेमंद health habit अपनाना चाहते हैं, तो रोज़ाना छाछ को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लीजिए।
आपका भरोसा और समय दोनों क़ीमती हैं। उम्मीद है यह जानकारी आपके काम आएगी। ऐसे ही जुड़े रहिए, सेहत की बातें हम साथ-साथ करते रहेंगे
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