अगर आप भी गैस, कब्ज, अपच या बार-बार पेट खराब होने की समस्या से परेशान रहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। आज के समय में ज़्यादातर लोग दवाओं पर निर्भर हो चुके हैं, जबकि हमारे आसपास ही एक ऐसा देसी फल मौजूद है जो बिना किसी साइड इफेक्ट के पेट को दुरुस्त रखने में मदद करता है। हम बात कर रहे हैं Wood Apple यानी बेल की। यह वही फल है, जिसे हमारे बड़े-बुज़ुर्ग रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बड़े प्यार से इस्तेमाल करते थे।
अगर आप इस पोस्ट को ऑडिओ में सुना चाहते है तो नीचे दि गई audio file पर क्लिक करे
Wood Apple क्या है और इसे इतना खास क्यों माना जाता है?
Wood Apple बाहर से भले ही सख्त और सामान्य दिखाई देता हो, लेकिन इसके अंदर छिपा होता है सेहत का खजाना। इसका गूदा खट्टा-मीठा होता है और स्वाद में थोड़ा अलग जरूर लगता है, लेकिन इसके फायदे इसे बेहद खास बना देते हैं। आयुर्वेद में बेल को पेट और आंतों के लिए सबसे असरदार फल माना गया है। खासकर गर्मियों के मौसम में इसका सेवन शरीर को अंदर से ठंडक देने का काम करता है।
Wood Apple खाने के फायदे
Wood Apple का सबसे बड़ा फायदा है इसका पाचन पर असर। इसमें मौजूद प्राकृतिक फाइबर आंतों को साफ करता है और कब्ज जैसी समस्या से राहत दिलाता है। जिन लोगों को बार-बार गैस या पेट भारी रहने की शिकायत रहती है, उनके लिए बेल किसी वरदान से कम नहीं है।
इसके अलावा, दस्त और पेचिश जैसी समस्याओं में भी बेल का उपयोग बेहद फायदेमंद माना जाता है। बेल शरीर की गर्मी को कम करता है, जिससे गर्मियों में लू लगने का खतरा कम हो जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व इम्यूनिटी को सपोर्ट करते हैं और शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं।
कब खाना चाहिए
सिर्फ सही चीज़ खाना ही नहीं, उसे सही समय पर खाना भी उतना ही जरूरी है। Wood Apple खाने का सबसे अच्छा समय दिन का होता है। सुबह या दोपहर में इसका सेवन करने से शरीर इसे आसानी से पचा लेता है और इसके फायदे जल्दी दिखाई देते हैं।
गर्मियों में दोपहर के समय बेल का शरबत पीना शरीर को ठंडक देता है और थकान दूर करता है। वहीं, रात में बेल खाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह पचने में थोड़ा भारी होता है और पेट से जुड़ी परेशानी पैदा कर सकता है।
Wood Apple क्यों खाना चाहिए
आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में बाहर का खाना, अनियमित दिनचर्या और तनाव आम बात हो गई है। इसका सबसे बुरा असर हमारे पेट पर पड़ता है। ऐसे में Wood Apple एक नेचुरल समाधान बनकर सामने आता है।
यह बिना किसी केमिकल के शरीर को डिटॉक्स करता है, आंतों को मजबूत बनाता है और पाचन को सुधारता है। यही वजह है कि आयुर्वेद में बेल को रोज़मर्रा के आहार का हिस्सा बनाने की सलाह दी जाती है।
Wood Apple कैसे खाएं कि स्वाद भी मिले और फायदा भी
Wood Apple खाने का सबसे लोकप्रिय तरीका है बेल का शरबत। बेल का गूदा निकालकर उसमें पानी और थोड़ा गुड़ या शहद मिलाकर शरबत तैयार किया जाता है। यह स्वाद में भी अच्छा लगता है और सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है।
इसके अलावा, पूरी तरह पका हुआ बेल सीधे भी खाया जा सकता है। कुछ जगहों पर इसकी चटनी भी बनाई जाती है, जो खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ पाचन में भी मदद करती है। ध्यान रखें कि शरबत बनाते समय ज़्यादा चीनी का इस्तेमाल न करें।
Wood Apple खाने से नुकसान भी हो सकता है
हर चीज़ की तरह Wood Apple का भी ज़्यादा सेवन नुकसानदायक हो सकता है। अगर इसे जरूरत से ज्यादा मात्रा में खा लिया जाए, तो यह कब्ज बढ़ा सकता है। कमजोर पाचन वाले लोगों को इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से बेल का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
कितनी मात्रा में Wood Apple खाना सही है
सप्ताह में 2 से 3 बार बेल का सेवन पर्याप्त माना जाता है। रोज़-रोज़ ज़्यादा मात्रा में खाने की जरूरत नहीं होती। संतुलन बनाए रखना ही इसका सही तरीका है।
निष्कर्ष
Wood Apple यानी बेल सिर्फ एक साधारण फल नहीं बल्कि देसी सेहत का भरोसेमंद साथी है। यह पेट को ठीक रखता है, शरीर को ठंडक देता है और बिना दवा के कई समस्याओं से राहत दिलाता है।
अगर आप चाहते है कि आपकी सेहत अंदर से मजबूत रहे और पेट से जुड़ी परेशानियां आपसे दूर रहें, तो आज ही अपनी डाइट में Wood Apple को शामिल करें।
अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ ज़रूर शेयर करें। ऐसी ही और देसी सेहत से जुड़ी जानकारी के लिए हमारे ब्लॉग से जुड़े रहे।
अगर आप इस पोस्ट को पीडीएफ फॉरमॅट मे डाउनलोड करना चाहते है तो नीचे दिये गये PDF पे क्लिक करे
PDF CLICK HERE