भारत में cancer अब सिर्फ एक बीमारी नहीं बल्कि एक गंभीर राष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट बन चुका है। हर दिन देश के किसी न किसी कोने से cancer patients से जुड़ी दर्दनाक खबर सामने आ रही है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि अब cancer in young age तेजी से बढ़ रहा है। जहां पहले यह बीमारी 50–60 वर्ष की उम्र के बाद होती थी, वहीं अब 20 से 40 साल के युवा भी cancer disease की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो गया है कि आखिर cancer kya hota hai, इसके मामले क्यों बढ़ रहे हैं और कम उम्र में ही cancer ke symptoms क्यों दिखने लगे हैं।
Cancer क्या है? शरीर में कैसे फैलती है Cancer Disease?
Cancer एक ऐसी गंभीर बीमारी है जिसमें शरीर की कोशिकाएं अपने नियंत्रण से बाहर हो जाती हैं। सामान्य रूप से शरीर की कोशिकाएं एक निश्चित प्रक्रिया के तहत बनती और नष्ट होती हैं, लेकिन जब यह संतुलन बिगड़ जाता है तो कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। यही बढ़ी हुई कोशिकाएं ट्यूमर बनाती हैं, जिसे cancer tumor कहा जाता है। जब यह ट्यूमर शरीर के दूसरे अंगों में फैलने लगता है, तब स्थिति और गंभीर हो जाती है। इसे ही मेडिकल भाषा में metastatic cancer कहा जाता है। Cancer शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है — जैसे मुंह का cancer, फेफड़ों का cancer, breast cancer, blood cancer और uterus cancer।
India में Cancer के मामले क्यों बढ़ते जा रहे हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में cancer in India के मामले हर साल तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 20 वर्षों में cancer cases कई गुना बढ़ चुके हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह लोगों की बदलती जीवनशैली है। शारीरिक मेहनत कम हो गई है, खान-पान पूरी तरह बिगड़ चुका है और मानसिक तनाव पहले से कई गुना बढ़ गया है। इसके साथ ही प्रदूषण, मिलावटी खाद्य पदार्थ और केमिकल युक्त जीवनशैली भी cancer causes को और मजबूत कर रही है।
Tobacco और Cancer का खतरनाक कनेक्शन
भारत में होने वाले कुल cancer patients में से करीब 40 प्रतिशत मामले केवल तंबाकू के कारण होते हैं। सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, खैनी और पान मसाला सीधे तौर पर मुंह का cancer, गले का cancer और lung cancer का कारण बनते हैं। आज स्थिति यह है कि किशोर उम्र में ही बच्चे तंबाकू की लत का शिकार हो रहे हैं। धीरे-धीरे यही लत आगे चलकर जानलेवा cancer disease में बदल जाती है।
Junk Food से बढ़ता Cancer Risk
आज का खान-पान cancer causes का एक बड़ा कारण बन चुका है। पैकेट बंद खाना, फास्ट फूड, कोल्ड ड्रिंक, पिज़्ज़ा, बर्गर और डीप फ्राइड चीजें रोज़ाना की डाइट में शामिल हो चुकी हैं। इनमें मौजूद ट्रांस फैट, आर्टिफिशियल रंग और प्रिज़र्वेटिव शरीर के डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके अलावा आज फल-सब्जियों और दूध तक में केमिकल और हार्मोन की मिलावट बढ़ चुकी है, जो लंबे समय में cancer risk को कई गुना बढ़ा देती है।
Pollution और Lung Cancer का खतरा
भारत के बड़े शहरों की हवा अब सीधे lung cancer को न्योता दे रही है। गाड़ियों का धुआं, फैक्ट्रियों से निकलने वाला प्रदूषण, प्लास्टिक जलाने से निकलने वाली जहरीली गैसें और जहरीले कण सीधे फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। यही वजह है कि अब ऐसे लोग भी lung cancer के मरीज बन रहे हैं, जिन्होंने कभी सिगरेट तक नहीं पी। प्रदूषण आज cancer in non-smokers का सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है।
Stress और Cancer के बीच क्या है संबंध?
आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में मानसिक तनाव सबसे बड़ा दुश्मन बन चुका है। देर रात तक मोबाइल चलाना, नींद पूरी न होना, नौकरी का प्रेशर, पारिवारिक तनाव और आर्थिक चिंता — यह सब मिलकर शरीर की इम्युनिटी को कमजोर कर देता है। कमजोर इम्युनिटी में cancer cells को पनपने का पूरा मौका मिल जाता है। रिसर्च बताती है कि लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव भी cancer growth को बढ़ा सकता है।
Young Age में Cancer क्यों हो रहा है?
पहले जहां cancer in old age आम था, वहीं अब cancer in young age तेजी से बढ़ रहा है। आज का बच्चा मैदान में खेलने से ज्यादा मोबाइल और लैपटॉप पर समय बिताता है। शारीरिक गतिविधियां लगभग खत्म हो चुकी हैं। जंक फूड, मीठे ड्रिंक और प्रोसेस्ड खाना बचपन से ही शरीर को कमजोर बना देता है। यही आदतें आगे चलकर youth में cancer disease का कारण बन रही हैं।
Genetic Cancer कितना खतरनाक होता है?
कुछ मामलों में genetic cancer भी देखने को मिलता है। अगर माता-पिता या परिवार में किसी को पहले cancer रहा हो, तो अगली पीढ़ी में इसका खतरा बढ़ सकता है। हालांकि डॉक्टर यह भी साफ कहते हैं कि लगभग 90 प्रतिशत cases lifestyle related cancer होते हैं, न कि सिर्फ जेनेटिक्स की वजह से।
Early Cancer Symptoms जो भूलकर भी नजरअंदाज न करें
Cancer symptoms शुरुआत में बहुत हल्के होते हैं, इसलिए लोग इन्हें सामान्य समस्या समझकर टाल देते हैं। बिना वजह वजन गिरना, लगातार थकावट, लंबे समय तक खांसी, आवाज़ में बदलाव, शरीर के किसी हिस्से में गांठ बनना, मल या पेशाब में खून आना, बार-बार बुखार या इंफेक्शन होना — ये सभी early signs of cancer हो सकते हैं। समय पर जांच ही cancer detection का सबसे अच्छा तरीका है।
Cancer Prevention: Cancer से बचाव कैसे करें?
विशेषज्ञ मानते हैं कि सही जीवनशैली अपनाकर cancer prevention 60–70 प्रतिशत तक संभव है। तंबाकू और शराब से दूरी, रोज़ाना वॉक या योग, घर का ताजा भोजन, हरी सब्ज़ियां, फल, हल्दी, गिलोय, आंवला जैसे प्राकृतिक तत्व, भरपूर नींद और नियमित हेल्थ चेकअप — ये सभी cancer risk को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
Conclusion
Cancer कोई अचानक आने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि यह सालों तक की गलत आदतों का नतीजा होता है। अगर आज हम अपनी जीवनशैली नहीं बदले, तो आने वाले समय में cancer in India और भी गंभीर रूप ले सकता है। डरने की बजाय जरूरी है कि हम जागरूक बनें, सही जानकारी लें और समय पर जांच कराएं। क्योंकि cancer treatment तभी कारगर होता है जब बीमारी समय रहते पकड़ में आ जाए।