सिंघाड़ा: सर्दियों का सुपरफूड जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है”
Singhada, जिसे हम हिंदी में सिंघाड़ा कहते हैं, भारत में सर्दियों के मौसम में खूब पसंद किया जाने वाला एक पौष्टिक फल है। पानी में उगने वाली यह प्राकृतिक खाद्य सामग्री स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है।
चाहे बात ऊर्जा की हो, पाचन की या इम्युनिटी की—singhada हर तरह से शरीर को मजबूती प्रदान करता है। व्रत के दौरान इसका सेवन सबसे ज़्यादा किया जाता है क्योंकि यह पेट को भरा रखता है और शरीर को ऊर्जा देता है।
Singhada के पोषक तत्व
सिंघाड़ा कम कैलोरी वाला लेकिन पोषण से भरपूर फल है। इसमें विटामिन B6, मैग्नीशियम, पोटैशियम, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। Singhada gluten-free होता है, इसलिए इसका आटा उपवास में उपयोग करने के साथ-साथ ग्लूटेन संवेदनशील लोगों के लिए भी उपयुक्त है। इसमें वसा (fat) बहुत कम होती है, इसीलिए वजन नियंत्रित रखने वालों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है।
पाचन सुधारने में मददगार
Singhada या सिंघाड़ा फाइबर से भरपूर होने की वजह से पाचन को सुधारता है। कब्ज, गैस और पेट भारी होने की समस्या में यह काफी राहत देता है। उबला हुआ singhada पचने में आसान होता है और पेट को हल्का रखता है। व्रत के दौरान singhada flour (सिंघाड़े का आटा) का सेवन लंबे समय तक भूख से राहत देता है।
इम्युनिटी को मजबूत बनाता है
सिंघाड़ा एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन से भरपूर होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बेहद असरदार हैं। ठंड के मौसम में singhada का सेवन सर्दी-जुकाम से बचाने में सहायक माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीवायरल गुण शरीर को संक्रमणों से लड़ने में मजबूत बनाते हैं।
हड्डियों और दाँतों के लिए लाभकारी
Singhada में कैल्शियम और मैग्नीशियम होता है, जो हड्डियों और दाँतों को मजबूत रखने में मदद करता है। बढ़ते बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए यह प्राकृतिक रूप से एक अच्छा सप्लीमेंट की तरह काम करता है। सिंघाड़े का नियमित सेवन हड्डियों में दर्द और कमजोरी से राहत देने में सहायक है।
त्वचा के लिए फायदेमंद
Singhada त्वचा को हाइड्रेटेड और ग्लोइंग रखने में मदद करता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट तत्व त्वचा को फ्री-रैडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। सिंघाड़े का आटा घर में फेस पैक बनाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है जो त्वचा को साफ और टाइट करता है।
ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में सहायक
Singhada का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए यह शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा प्रदान करता है और शुगर लेवल को अचानक बढ़ने नहीं देता। डायबिटीज़ के मरीज सीमित मात्रा में इसका सेवन कर सकते हैं।
वजन नियंत्रण में मददगार
सिंघाड़ा पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा नहीं होती। low-calorie और high-fiber होने की वजह से singhada वजन घटाने वालों के लिए एक परफेक्ट स्नैक है।

Singhada को आहार में कैसे शामिल करें?
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कच्चा या उबला हुआ
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सिंघाड़े के आटे की रोटी, चीला या पुरी
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व्रत में singhada halwa
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सूखे singhada को लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है
निष्कर्ष
Singhada यानी सिंघाड़ा स्वादिष्ट, पौष्टिक और शरीर के लिए बेहद लाभकारी फल है। यह पाचन सुधारता है, इम्युनिटी बढ़ाता है, वजन नियंत्रित करता है और त्वचा को स्वस्थ बनाता है। सर्दियों के मौसम में इसे अपनी डाइट में शामिल करें और इसके प्राकृतिक फ़ायदों का आनंद लें।