आज के समय में एक ऐसी समस्या तेजी से बढ़ रही है, जो पहले केवल बड़ों तक सीमित मानी जाती थी, लेकिन अब छोटे-छोटे बच्चे भी इसकी चपेट में आ चुके हैं — मोटापा और अचानक होने वाला weight gain। आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि पिछले कुछ सालों में भारत में बच्चों के weight gain और मोटापे के मामलों में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी देखी गई है। यह सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं है, बल्कि हर स्कूल, हर कॉलोनी और हर घर की सच्चाई बनती जा रही है।
बच्चों में Weight Gain आखिर क्यों बढ़ रहा है?
बच्चों में weight gain अचानक नहीं बढ़ा है, बल्कि इसके पीछे सालों से चली आ रही गलत आदतें जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ा कारण है गलत खानपान। आज के बच्चे घर का सादा खाना छोड़कर जंक फूड, पिज्जा, बर्गर, फ्रेंच फ्राइज, चिप्स, चॉकलेट और मीठे पेय पदार्थों के आदी हो चुके हैं। इनमें कैलोरी बहुत ज्यादा होती है, जो तेजी से बच्चों के शरीर में अनहेल्दी weight gain का कारण बनती है।
दूसरा कारण है शारीरिक गतिविधि की भारी कमी। पहले जहां बच्चे घंटों मैदान में खेलते थे, आज उनका अधिकांश समय मोबाइल और टीवी के सामने बैठकर गुजरता है। जब शरीर की ऊर्जा खर्च नहीं होती, तो वही ऊर्जा धीरे-धीरे फैट और weight gain में बदल जाती है।
स्क्रीन टाइम बना बच्चों के Weight Gain का सबसे बड़ा कारण
मोबाइल, टैबलेट और टीवी आज बच्चों की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। ऑनलाइन क्लास, गेमिंग, रील्स और कार्टून देखने की आदत ने बच्चों को घंटों एक जगह बैठा दिया है। लगातार बैठने से शरीर का मेटाबॉलिज्म कमजोर पड़ता है, जिससे weight gain तेजी से बढ़ता है और मोटापे की समस्या शुरू हो जाती है।
मानसिक तनाव भी बढ़ा रहा है बच्चों का Weight Gain
कम लोग जानते हैं कि mental stress और weight gain का भी गहरा रिश्ता है। पढ़ाई का दबाव, तुलना, अकेलापन और माता-पिता की उम्मीदें कई बच्चों को अंदर से कमजोर बना देती हैं। ऐसे में कई बच्चे जरूरत से ज्यादा खाने लगते हैं, जिसे “इमोशनल ईटिंग” कहा जाता है। यही आदत धीरे-धीरे मोटापे और अनियंत्रित weight gain को जन्म देती है।
बच्चों में Weight Gain केवल मोटापा नहीं, कई बीमारियों की जड़
अक्सर लोग यह सोचकर लापरवाह हो जाते हैं कि बच्चा मोटा है तो बड़ा होकर ठीक हो जाएगा। लेकिन सच्चाई यह है कि बचपन में होने वाला weight gain आगे चलकर गंभीर बीमारियों की नींव रखता है। जैसे —
टाइप-2 डायबिटीज
हाई ब्लड प्रेशर
दिल की बीमारियां
सांस की परेशानी
जोड़ों का दर्द
हार्मोन असंतुलन
इतना ही नहीं, ज्यादा weight gain बच्चों के आत्मविश्वास को भी तोड़ देता है। बच्चे खुद को दूसरों से अलग महसूस करने लगते हैं, जिससे उनमें डिप्रेशन और अकेलापन बढ़ने लगता है।
माता-पिता की छोटी भूलें बढ़ा देती हैं बच्चों का Weight Gain
कई बार माता-पिता अनजाने में ऐसी आदतें डाल देते हैं, जो बच्चों में तेज़ी से weight gain बढ़ाती हैं:
हर जिद पर बाहर का खाना देना
रोते बच्चे को चुप कराने के लिए चॉकलेट देना
पढ़ाई के नाम पर खेलने से रोक देना
खुद की अनहेल्दी लाइफस्टाइल बच्चों पर थोप देना
बच्चे वही सीखते हैं जो वे अपने घर में देखते हैं। अगर घर में तला-भुना, फास्ट फूड और देर रात खाना आम है, तो बच्चों में भी अनकंट्रोल्ड weight gain होना तय है।
बच्चों के Weight Gain और मोटापे से कैसे बचाव करें?
बच्चों को weight gain और मोटापे से बचाने के लिए सबसे पहले उनके खानपान और दिनचर्या में सुधार जरूरी है।
बच्चों को रोज़ाना पौष्टिक आहार दें — जैसे दाल, हरी सब्जियां, फल, सलाद, दूध और अनाज। जंक फूड पूरी तरह बंद कराना मुश्किल है, लेकिन इसे हफ्ते में एक बार तक सीमित किया जा सकता है।
हर बच्चे के लिए रोज़ कम से कम 1 घंटा शारीरिक गतिविधि जरूरी है। खेलना, दौड़ना, साइकिल चलाना या डांस करना — यह सब बच्चों के weight gain को कंट्रोल करने में बहुत मदद करता है।
स्क्रीन टाइम कम करना बहुत ज़रूरी
बच्चों का मोबाइल और टीवी देखने का समय तय करें। ज्यादा स्क्रीन टाइम सीधे तौर पर weight gain और मोटापे को बढ़ाता है। बच्चों को किताबें पढ़ने, बाहर खेलने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए प्रेरित करें।
स्कूल और समाज की जिम्मेदारी भी बहुत बड़ी
सिर्फ माता-पिता ही नहीं, स्कूल और समाज की भी जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के बढ़ते weight gain और मोटापे को गंभीरता से लें। स्कूलों में रोज़ खेलकूद अनिवार्य हो, कैंटीन में हेल्दी खाना मिले और बच्चों को सही पोषण की जानकारी दी जाए।
अब भी समय है बच्चों के Weight Gain को रोकने का
बच्चों में बढ़ता हुआ weight gain और मोटापा एक साइलेंट खतरा बन चुका है, जो धीरे-धीरे पूरी पीढ़ी को बीमार बना सकता है। अच्छी बात यह है कि अभी भी समय है संभलने का। आज अगर हम बच्चों के खानपान, खेलने और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देंगे, तो आने वाला कल जरूर स्वस्थ और मजबूत होगा।
इस लेख को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद!
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स्वस्थ रहें, जागरूक रहें!