गाजर (gajar) एक ऐसी सब्ज़ी है जो न सिर्फ स्वादिष्ट होती है बल्कि पोषण के मामले में भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसका वैज्ञानिक नाम Daucus carota है और यह मूल रूप से जड़ वाली सब्ज़ी है, जो जमीन के भीतर विकसित होती है। गाजर का रंग आमतौर पर नारंगी होता है, परंतु लाल, पीली, बैंगनी और सफेद रंगों वाली गाजर भी कई क्षेत्रों में पाई जाती है।

भारत में विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में लाल गाजर (gajar) अधिक लोकप्रिय होती है, जिसका स्वाद मीठा और रसदार होता है। गाजर को कच्चा, पकाकर, उबालकर, जूस बनाकर, सूप, सलाद और मिठाइयों जैसे गाजर का हलवा के रूप में भी खाया जाता है। इसकी बहुमुखी उपयोगिता इसे हर घर की पसंदीदा सब्ज़ी बनाती है।
गाजर (gajar) के शानदार हेल्थ बेनिफिट्स जो हर किसी को जानने चाहिए
गाजर में सबसे अधिक प्रसिद्ध तत्व बीटा-कैरोटीन है, जो शरीर में जाकर विटामिन A में परिवर्तित हो जाता है। विटामिन A आँखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। नियमित रूप से गाजर का सेवन करने से आँखों की रोशनी बढ़ाने में मदद मिलती है, रात में दिखने की क्षमता सुधरती है और आँखें लंबे समय तक स्वस्थ रहती हैं।
यही कारण है कि डॉक्टर और पोषण विशेषज्ञ बच्चों और वयस्कों दोनों को अपनी दैनिक डाइट में गाजर शामिल करने की सलाह देते हैं। इसके अलावा, गाजर (gajar) में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं, जिससे बढ़ती उम्र के लक्षण धीमे होते हैं और त्वचा अधिक चमकदार व स्वस्थ दिखाई देती है।
गाजर में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है। फाइबर युक्त भोजन को पेट में पचने में समय लगता है, जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती और वजन नियंत्रित रहता है। जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए गाजर का जूस या सलाद एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।
गाजर में कैलोरी भी बहुत कम होती है, इसलिए इसे रोजाना खाने से वजन बढ़ने का खतरा नहीं रहता। इसके अतिरिक्त, गाजर (gajar) में विटामिन K, विटामिन C और पोटैशियम जैसे कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने, रक्त के थक्के जमाने में मदद करने और शरीर में खनिज संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दिल की सेहत की बात करें तो गाजर इसमें भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। इसमें मौजूद पोटैशियम रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे हृदय पर दबाव कम होता है। वहीं, गाजर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में सहायता करते हैं, जिससे धमनियों में रुकावट बनने की संभावना कम हो जाती है।
इस तरह गाजर हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में सहायक साबित होती है। इसके अलावा, गाजर में मौजूद फाइटोकेमिकल्स शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं, जिससे शरीर बीमारियों से लड़ने में अधिक सक्षम बनता है।
गर्भवती महिलाओं के लिए भी गाजर काफी लाभकारी मानी जाती है। इसमें मौजूद फोलिक एसिड और विटामिन A मां और बच्चे दोनों के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं। इसके साथ ही, गाजर त्वचा और (gajar) बालों को भी अंदर से पोषण देती है। गाजर का नियमित सेवन त्वचा में प्राकृतिक चमक लाता है और बालों की जड़ों को मजबूत करता है। कई ब्यूटी प्रोडक्ट्स में गाजर के अर्क का उपयोग भी किया जाता है क्योंकि यह त्वचा को हाइड्रेट करता है और उसे अंदर से ग्लोइंग बनाता है।
गाजर (gajar) के औषधीय गुण इसे एक बेहतरीन सुपरफूड बनाते हैं। यह ना केवल शरीर को पोषण देता है, बल्कि कई बीमारियों को रोकने में भी मदद करता है। शोध से पता चला है कि गाजर में मौजूद कैरोटेनॉयड्स कुछ प्रकार के कैंसर, जैसे फेफड़ों और पेट के कैंसर के जोखिम को कम कर सकते हैं। इसके साथ ही, यह लिवर की सेहत को बनाए रखने में भी सहायक है क्योंकि गाजर शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है। कुल मिलाकर, गाजर (gajar) एक ऐसी सब्ज़ी है जिसे हर उम्र के लोगों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए बेहद लाभकारी है और आसानी से उपलब्ध भी।
गाजर का हलवा रेसिपी

गाजर का हलवा बनाने के लिए ताज़ी गाजरों को कद्दूकस करके उबलते दूध में नरम होने तक पकाया जाता है। जब दूध सूखने लगे, तो इसमें चीनी और घी डालकर हलवे को अच्छी तरह भून लिया जाता है। स्वाद बढ़ाने के लिए मावा मिलाया जा सकता है। अंत में काजू, बादाम, किशमिश और इलायची डालकर कुछ मिनट पकाया जाता है। इसी तरह कम मेहनत में शानदार, स्वादिष्ट और सुगंधित गाजर का हलवा तैयार हो जाता है।