Feeling Tired, Gaining Weight, Losing Hair? It Could Be Hypothyroidism – थकान, वजन बढ़ना या बाल झड़ना? हो सकता है Hypothyroidism!”

Hypothyroidism क्या होता है?

Hypothyroidism एक ऐसी स्थिति है जिसमें हमारी गर्दन पर स्थित थायरॉइड ग्रंथि (Thyroid Gland) पर्याप्त मात्रा में थायरॉक्सिन हार्मोन (T3 और T4) नहीं बना पाती।
ये हार्मोन हमारे शरीर की पूरी ऊर्जा प्रक्रिया (Metabolism) को नियंत्रित करते हैं।
जब ये कम बनने लगते हैं, तो शरीर “स्लो मोड” में चला जाता है, जिससे कई तरह की शारीरिक समस्याएँ शुरू हो जाती हैं।

 Hypothyroidism क्यों होता है? (मुख्य कारण)

 1. Hashimoto’s Thyroiditis

यह एक Autoimmune बीमारी है जिसमें हमारी इम्यून सिस्टम गलती से थायरॉइड पर हमला करती है।
भारत में Hypothyroidism के सबसे अधिक केस इसी कारण होते हैं।

2. आयोडीन की कमी

आयोडीन थायरॉइड हार्मोन बनाने के लिए जरूरी है।
आयोडीन की कमी वाले क्षेत्रों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है।

 3. थायरॉइड पर सर्जरी या रेडिएशन

अगर किसी कारण से थायरॉइड का हिस्सा निकालना पड़े या कैंसर/गाँठ के इलाज में रेडिएशन दिया जाए, तो हार्मोन उत्पादन कम हो जाता है।

 4. कुछ दवाइयों के कारण

Lithium

Amiodarone

Thyroid suppressing drugs
इनके लंबे उपयोग से Hypothyroidism हो सकता है।

5. गर्भावस्था

Pregnancy और delivery के बाद कई महिलाओं में अस्थायी Hypothyroidism देखा जाता है।

 6. Genetic कारण

कई लोगों में यह समस्या परिवार से मिलती है।

 Hypothyroidism के लक्षण – कैसे पहचानें?

Hypothyroidism धीरे-धीरे असर दिखाता है, इसलिए लोग इसे शुरू में सामान्य थकान या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
लेकिन इसके लक्षण बहुत स्पष्ट होते हैं:

लगातार थकान रहना

वजन बढ़ना या वजन कम न होना

बाल झड़ना और त्वचा का रूखापन

ठंड ज्यादा लगना

दिल की धड़कन का धीमा होना

याददाश्त कमजोर होना

कब्ज की समस्या

Periods अनियमित होना

चेहरे और पैरों में सूजन

मूड स्विंग या अवसाद जैसा महसूस होना

अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो Thyroid टेस्ट करवाना जरूरी है।

 Hypothyroidism की जाँच कैसे होती है?

Hypothyroidism की पुष्टि के लिए मुख्य रूप से TSH टेस्ट किया जाता है। इसके साथ T3 और T4 के स्तर भी देखे जाते हैं।

  • TSH बढ़ा हुआ ⇒ Hypothyroidism

  • TSH कम ⇒ Hyperthyroidism

TSH का सामान्य स्तर आमतौर पर 0.4 से 4.5 mIU/L माना जाता है (लैब के अनुसार थोड़ा बदलाव हो सकता है)।

 Hypothyroidism का इलाज — क्या यह ठीक हो सकता है?

आज के समय में Hypothyroidism का इलाज बिल्कुल सरल और प्रभावी है।

 1. Le…….. – मुख्य दवा

डॉक्टर आमतौर पर Le………नाम की दवा देते हैं, जो शरीर में हार्मोन की कमी को पूरा करती है।
इसे सुबह खाली पेट, रोज एक ही समय पर लेना चाहिए।

डोज़ कभी भी खुद से बदलनी नहीं चाहिए।
हर 3–6 महीने में TSH टेस्ट के आधार पर डॉक्टर उसकी मात्रा तय करते हैं।

NOTE – डॉक्टर के परिशन के सिवा कोई भी दवाई ना लिए।

 2. जीवनशैली में बदलाव

सिर्फ दवा ही नहीं, सही दिनचर्या भी बहुत फर्क डालती है।

क्या खाएँ?

आयोडीन युक्त नमक

दूध, दही, अंडे

Selenium-rich foods (अंडे, Brazil nuts, मछली)

Zinc-rich foods (कद्दू के बीज, दालें, बीन्स)

ओमेगा-3 से भरपूर भोजन

फल और हाई-फाइबर डाइट

किन चीजों से बचें?

ज्यादा मात्रा में Soy products

कच्ची पत्तागोभी, ब्रोकली (Goitrogens)

जंक फूड

बहुत ज्यादा चीनी या मैदा

देर रात सोना

 3. व्यायाम और स्ट्रेस कंट्रोल

रोज कम से कम 30 मिनट वॉक

योग और प्राणायाम

पर्याप्त 7–8 घंटे की नींद

ये सभी चीजें थायरॉइड हार्मोन के संतुलन को बेहतर बनाने में मदद करती हैं।

क्या Hypothyroidism पूरी तरह ठीक हो जाता है?

यह इस बात पर निर्भर करता है कि बीमारी किस कारण से हुई है—

  • Hashimoto’s में यह आजीवन दवा लेने वाली स्थिति हो सकती है, लेकिन दवा से पूरी तरह नियंत्रण में रहती है।

  • Iodine deficiency वाले केस में सही पोषण से काफी सुधार हो सकता है।

  • Pregnancy-related Hypothyroidism कई बार बाद में ठीक हो जाता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात—
अगर दवा सही समय पर लें और टेस्ट नियमित कराएँ, तो आप बिल्कुल सामान्य जीवन जी सकते हैं।

 निष्कर्ष

Hypothyroidism आजकल एक आम लेकिन गंभीर समस्या है। सही समय पर पहचान और इलाज से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
यदि आपको ऊपर बताए गए लक्षणों में से कुछ भी लंबे समय तक महसूस हो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर TSH टेस्ट जरूर कराएँ।

स्वास्थ्य आपकी सबसे बड़ी पूँजी है, इसे हल्के में न लें।

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