PCOS कंट्रोल कैसे करें

PCOS यानी Polycystic Ovary Syndrome आज की महिलाओं में तेजी से बढ़ता हुआ एक हार्मोनल असंतुलन है, जो पीरियड्स से लेकर वजन, त्वचा और मानसिक स्वास्थ्य तक हर चीज़ को प्रभावित करता है। PCOS में शरीर में एंड्रोजन नामक हार्मोन बढ़ जाता है और ओवरी अंडे को सही तरीके से रिलीज़ नहीं कर पाती। कई बार ओवरी में छोटे-छोटे सिस्ट भी बन जाते हैं, लेकिन हर महिला में सिस्ट होना जरूरी नहीं। असल में PCOS एक ऐसा हार्मोनल इम्बैलेंस है जो शरीर के कामकाज को धीरे-धीरे बिगाड़ता है।
PCOS होने के पीछे सबसे बड़ा कारण
इंसुलिन रेज़िस्टेंस माना जाता है। जब शरीर इंसुलिन को ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाता, तो शरीर को जरूरत से ज्यादा इंसुलिन बनाना पड़ता है। यही बढ़ा हुआ इंसुलिन एंड्रोजन बढ़ा देता है और पीरियड्स गड़बड़ा जाते हैं। इसके अलावा तनाव, अनियमित नींद, ज्यादा जंक फूड, बहुत कम शारीरिक गतिविधि और जेनेटिक कारण भी PCOS को बढ़ावा देते हैं। अगर परिवार की किसी महिला को PCOS रहा है, तो आने वाली पीढ़ी में इसकी संभावना और ज्यादा बढ़ जाती है।
PCOS के लक्षण
हर महिला में अलग दिखाई दे सकते हैं, लेकिन सबसे आम संकेत हैं—पीरियड देर से आना या महीनों तक रुक जाना, चेहरे और ठुड्डी पर अनचाहे बाल, पिंपल्स का बार-बार निकलना, अचानक वजन बढ़ना, बालों का झड़ना और मूड स्विंग। कई बार PCOS के कारण प्रेग्नेंसी में भी कठिनाई आती है, जिससे महिलाएँ मानसिक तनाव का अनुभव करती हैं। इन लक्षणों को नज़रअंदाज़ करने से समस्या बढ़ सकती है, इसलिए समय पर पहचान और देखभाल बेहद ज़रूरी है।
PCOS को कंट्रोल डाइट

डाइट सबसे बड़ी भूमिका निभाती है। जंक फूड, चीनी, मैदा, तली चीज़ें और कोल्ड ड्रिंक्स को नियमित रूप से खाने से इंसुलिन बढ़ता है और PCOS के लक्षण तेज़ हो जाते हैं। इसके विपरीत, हरी सब्जियाँ, फल, दालें, प्रोटीन, ओमेगा-3 युक्त खाद्य पदार्थ, साबुत अनाज और पर्याप्त पानी शरीर को संतुलित रखते हैं। धीरे-धीरे वजन कम करने से भी PCOS के लक्षण में काफी सुधार आता है, क्योंकि वजन कम होने से इंसुलिन और हार्मोन दोनों बेहतर होने लगते हैं।
योग और नियमित व्यायाम PCOS के लिए बेहद कारगर माने जाते हैं। हल्की वॉक, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, सूर्य नमस्कार और प्राणायाम शरीर के हार्मोन को संतुलित रखते हैं।
PCOS में कौन-सा योग और एक्सरसाइज करें?
भुजंगासन,प्राणायाम,तितली आसन.मंडूकासन ,सूर्य नमस्कार (5 राउंड)
तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन और गहरी साँसों का अभ्यास भी शरीर को बहुत राहत देता है। नींद भी उतनी ही जरूरी है—क्योंकि नींद पूरी न होने से कोर्टिसोल बढ़ता है और वही PCOS को और अधिक खराब कर देता है।
घरेलू उपाय जैसे दालचीनी, मेथी के दाने, शतावरी और अश्वगंधा भी इंसुलिन और हार्मोन बैलेंस में मदद कर सकते हैं। ग्रीन टी एंड्रोजन के स्तर को कम करने में सहायक मानी जाती है, जिससे पिंपल्स और वजन दोनों पर असर दिखता है। हालांकि, किसी भी जड़ी-बूटी या सप्लिमेंट का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से करना हमेशा बेहतर होता है।
PCOS हमेशा पूरी तरह खत्म नहीं होता, लेकिन इसे सही लाइफस्टाइल से इतना PCOS कंट्रोल किया जा सकता है कि पीरियड्स नियमित हो जाएँ और अधिकांश लक्षण लगभग गायब हो जाएँ। इसे बीमारी की तरह डरने की जरूरत नहीं, बल्कि शरीर के संकेत को समझकर धीरे-धीरे सुधार करने की जरूरत है। PCOS बताता है कि आपके शरीर को संतुलन की जरूरत है—और जब आप अपनी लाइफस्टाइल सुधारना शुरू करते हैं, तो शरीर खुद ठीक होने लगता है।