Pregnancy DIET – प्रेग्नेंसी डाइट और योग: गर्भावस्था में खुद का ख्याल कैसे रखें?

गर्भावस्था(Pregnancy) का समय किसी भी महिला के लिए बेहद खास होता है। जैसे-जैसे शरीर में बदलाव आते हैं, वैसे-वैसे खाने-पीने और दिनचर्या में थोड़ी देखभाल ज़रूरी हो जाती है। यही वह समय है जब सही आहार और हल्के योगासन आपका साथ निभाते हैं। ये न सिर्फ माँ को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि पेट में पल रहे बच्चे के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
1. गर्भावस्था (Pregnancy) में सही आहार क्यों ज़रूरी है?
गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान शरीर पहले से ज़्यादा मेहनत करता है—खून की मात्रा बढ़ती है, हार्मोन्स बदलते हैं और बच्चा लगातार विकसित हो रहा होता है। ऐसे में जो भी आप खाती हैं, उसका सीधा असर आपके स्वास्थ्य और बच्चे दोनों पर पड़ता है।
सही भोजन:
ऊर्जा बनाए रखता है
एनीमिया से बचाता है
प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है
बच्चे की हड्डियाँ, दिमाग और अंगों को सही तरीके से विकसित करता है
इस दौरान थोड़ी-सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है, इसलिए खाना बेहद सोच-समझकर होना चाहिए।
2. प्रेग्नेंसी (Pregnancy) में क्या खाएँ? — एक संतुलित और आसान डाइट
(1) प्रोटीन युक्त चीज़ें
प्रोटीन गर्भावस्था (Pregnancy)का सबसे ज़रूरी पोषक तत्व माना जाता है। यह बच्चे की मांसपेशियों और शरीर की कोशिकाओं को बनाने में मदद करता है।
दाल, चना, राजमा
पनीर या टोफू
दही और दूध
अंडा (यदि डॉक्टर अनुमति दें)
इन चीज़ों को रोज़ाना आहार में शामिल करना बहुत फायदेमंद है।
(2) आयरन और फोलेट वाली चीज़ें
गर्भावस्था में खून की कमी बेहद आम होती है, और इसकी वजह आयरन का कम सेवन है। आयरन के साथ फोलेट बच्चे के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास में मदद करता है।
हरी पत्तेदार सब्जियाँ
अनार, चुकंदर
मूंगफली और किशमिश
मल्टीग्रेन रोटियाँ
आयरन और फोलेट की गोलियाँ डॉक्टर अक्सर देते हैं, लेकिन भोजन के ज़रिये इन्हें लेना हमेशा बेहतर है।
(3) कैल्शियम
कैल्शियम बच्चे की हड्डियाँ और दाँत मजबूत बनाता है। साथ ही माँ को भी हड्डियों की कमजोरी से बचाता है।
दूध और दही
तिल और रागी
बादाम
रोज़ एक-दो गिलास दूध प्रेग्नेंसी में बेहद फायदेमंद होता है।
(4) फल और सब्जियाँ
फल और सब्जियाँ विटामिन, मिनरल और फाइबर का सबसे अच्छा स्रोत हैं। ये पाचन ठीक रखते हैं और कब्ज की समस्या भी कम करते हैं।
सेब, केला, नाशपाती
संतरा और मौसमी
गाजर, लौकी और पालक
हर दिन 3–4 तरह के फल और 2 तरह की सब्जियाँ खाना आदर्श माना गया है।
(5) पानी और हाइड्रेशन
शरीर में पानी की कमी गर्भावस्था में कई समस्याएँ खड़ी कर सकती है।
दिन में 8–10 गिलास पानी
नारियल पानी
छाछ
नींबू पानी
हाइड्रेशन पेट की जलन, सिरदर्द और सूजन को भी कम करता है।
3. प्रेग्नेंसी (Pregnancy) में किन चीजों से बचना चाहिए?
कुछ चीजें गर्भावस्था में बिल्कुल नहीं खाना चाहिए या बहुत सीमित मात्रा में लेना चाहिए:
बहुत तला-भुना खाना
ज्यादा चाय और कॉफी
पैक्ड जूस और कोल्ड ड्रिंक
कच्चा मीट या अधपकी चीजें
डॉक्टर की सलाह बिना कोई सप्लीमेंट
अच्छा होगा कि इस दौरान घर का बना सादा, हल्का और पौष्टिक भोजन ही खाएँ।
4. प्रेग्नेंसी (Pregnancy)में योग क्यों जरूरी है?
गर्भावस्था के दौरान योग शरीर और मन को शांत रखने का सबसे आसान तरीका है। खासकर जब शरीर में तेजी से बदलाव हो रहे हों।
योग:
कमर और पीठ का दर्द कम करता है
नींद बेहतर बनाता है
तनाव और चिंता दूर करता है
शरीर को प्रसव के लिए तैयार बनाता है
खून का बहाव बेहतर करता है
हल्के-फुल्के योगासन इस समय सबसे सुरक्षित और लाभदायक माने जाते हैं।
5. गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित योगासन
नोट: हमेशा डॉक्टर की अनुमति के बाद ही योग शुरू करें।
(1) ताड़ासन
सीधा खड़े होकर शरीर की मुद्रा को संतुलित करता है और पैरों में मजबूती लाता है।
(2) मार्जरीआसन (कैट-काउ)
रीढ़ को लचीला बनाता है और कमर दर्द में तुरंत राहत देता है।
(3) बद्ध कोणासन (बटरफ्लाई पोज़)
कूल्हों की मांसपेशियों को आराम देता है और सामान्य प्रसव को आसान बनाने में मदद करता है।
(4) बालासन
यह आराम देने वाला आसन है, जिससे शरीर और मन दोनों शांत होते हैं।
(5) वज्रासन
भोजन के बाद करने से पाचन बेहतर होता है।
(6) गहरी श्वास (Deep Breathing)
तनाव कम करता है, ऑक्सीजन बढ़ाता है और मानसिक शांति दिलाता है।
6. योग करते समय सावधानियाँ
पहले तीन महीनों में भारी आसन न करें
पेट पर दबाव डालने वाले आसनों से दूर रहें
उल्टे या कठिन आसन न करें
शरीर को थकान महसूस हो तो तुरंत रुक जाएँयोग शिक्षक या डॉक्टर से मार्गदर्शन लेते रहें
निष्कर्ष
गर्भावस्था(Pregnancy) का समय ऐसा है जब खुद का ख्याल रखना सबसे ज़रूरी हो जाता है। सही और पौष्टिक आहार आपको स्वस्थ रखता है, वहीं योग शरीर और मन दोनों को राहत देता है। अगर इन दोनों का संतुलन बनाया जाए, तो यह नौ महीने का सफर और भी सुहाना और आरामदायक हो जाता है।
माँ का स्वास्थ्य ही बच्चे की पहली नींव है—और यही वजह है कि प्रेग्नेंसी डाइट और योग दोनों का सही संयोजन सुरक्षित, स्वस्थ और खुशहाल गर्भावस्था की कुंजी है।