LAL MATH BHAJI –
आजकल लोग सेहत के लिए तरह-तरह की सुपरफूड चीजें ढूंढते हैं, लेकिन हमारे घर के आसपास मिलने वाली लाल माठ भाजी (Red Amaranth) किसी सुपरफूड से कम नहीं है। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तर भारत के कई हिस्सों में इसे “लाल चौलाई” या “लाल साग” भी कहा जाता है।
लाल माठ भाजी LAL MATH BHAJI हरे साग की ही एक किस्म है, जिसकी पत्तियाँ लाल या बैंगनी रंग की होती हैं। स्वाद में हल्की-सी मिट्टी जैसी खुशबू और नरम बनावट इसे रोज़ के खाने के लिए परफेक्ट बनाती है।
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अगर आप सोच रहे हैं कि लाल माठ भाजी क्यों खानी चाहिए इसके क्या फायदे हैं तो इस लेख में आपको पूरी जानकारी आसान भाषा में मिलेगी।
लाल माठ भाजी एक पत्तेदार सब्जी है जो अमरंथ चौलाई परिवार से आती है। यह जल्दी उगने वाली फसल है और बरसात व सर्दियों में ज्यादा मिलती है।गांवों में इसे अक्सर खेतों में आसानी से उगाया जाता है। यह ज्यादा देखभाल नहीं मांगती, इसलिए यह सस्ती और पोषण से भरपूर सब्जी मानी जाती है।
लाल माठ LAL MATH BHAJI भाजी पोषण का खजाना है। इसमें पाए जाने वाले मुख्य न्यूट्रिएंट्स – आयरन (Iron),कैल्शियम (Calcium),विटामिन A,विटामिन C,फोलेट (Folate),फाइबर,मैग्नीशियम,पोटैशियम,एंटीऑक्सीडेंट इसी वजह से डॉक्टर भी हरी पत्तेदार सब्जियों को डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं।
लाल माठ भाजी खाने के फायदे
खून की कमी दूर करने में सहायक: आयरन से भरपूर होने के कारण यह हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करती है।
आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंद: इसमें मौजूद विटामिन A आंखों की सेहत बनाए रखने में मदद करता है।
हड्डियों को मजबूत बनाती है: कैल्शियम और मैग्नीशियम हड्डियों को ताकत देते हैं।
इम्यूनिटी बढ़ाती है: विटामिन C शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।
पाचन में सुधार: इसमें मौजूद फाइबर कब्ज की समस्या दूर करने में मदद करता है।
वजन नियंत्रण में सहायक: कम कैलोरी और ज्यादा पोषण होने की वजह से यह वजन कम करने वालों के लिए भी अच्छी है।
लाल माठ भाजी कैसे खाएं?
लाल माठ भाजी को कई तरीकों से खाया जा सकता है। आप इसे लहसुन और जीरे के साथ हल्का भूनकर साधारण सब्जी बना सकते हैं। इसे दाल में मिलाकर पकाने से दाल का स्वाद और पोषण दोनों बढ़ जाते हैं। कुछ लोग इसे बारीक काटकर आटे में मिलाकर पराठा बनाते हैं। इसके अलावा इसे हल्का उबालकर सूप के रूप में भी लिया जा सकता है।
ध्यान रखें कि इसे ज्यादा देर तक न पकाएं, क्योंकि ज्यादा पकाने से इसके पोषक तत्व कम हो सकते हैं।
क्यों जरूरी है लाल माठ भाजी खाना?
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर महंगे सप्लीमेंट्स पर निर्भर हो जाते हैं, जबकि हमारे आसपास मिलने वाली लाल माठ भाजी प्राकृतिक रूप से शरीर को जरूरी पोषण देती है। यह सस्ती, स्वादिष्ट और सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। अगर आप अपने परिवार की सेहत बेहतर बनाना चाहते हैं, तो हफ्ते में दो से तीन बार इसे अपने भोजन में जरूर शामिल करें।
लाल माठ भाजी LAL MATH BHAJI सच में एक ऐसी देसी सब्जी है जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
जहां लाल माठ भाजी के कई फायदे हैं, वहीं कुछ स्थितियों में इसके नुकसान भी हो सकते हैं।
सबसे पहले, इसमें प्राकृतिक रूप से ऑक्सालेट पाया जाता है। जिन लोगों को किडनी स्टोन (पथरी) की समस्या है, उन्हें इसे ज्यादा मात्रा में खाने से बचना चाहिए, क्योंकि ऑक्सालेट पथरी बनने की संभावना बढ़ा सकता है। कुछ लोगों को पत्तेदार सब्जियां ज्यादा खाने से गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है। अगर पाचन तंत्र कमजोर है तो इसे सीमित मात्रा में ही खाएं। यदि भाजी को ठीक से धोकर न पकाया जाए तो इसमें मिट्टी या कीटनाशक के अंश रह सकते हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए हमेशा इसे अच्छी तरह साफ करके ही इस्तेमाल करें।जिन लोगों को किसी खास हरी सब्जी से एलर्जी है, वे पहली बार खाते समय थोड़ी मात्रा से शुरुआत करें।
निष्कर्ष
लाल माठ भाजी LAL MATH BHAJI एक सस्ती, पौष्टिक और आसानी से मिलने वाली हरी सब्जी है। इसके नियमित सेवन से शरीर को आयरन, कैल्शियम और विटामिन जैसे जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। हालांकि, हर चीज की तरह इसे भी संतुलित मात्रा में खाना जरूरी है।
अगर आप इसे सही तरीके से साफ करके और सीमित मात्रा में खाते हैं, तो इसके फायदे नुकसान से कहीं ज्यादा हैं। इसलिए अपने साप्ताहिक भोजन में लाल माठ भाजी जरूर शामिल करें और प्राकृतिक तरीके से सेहत को मजबूत बनाएं
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